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पेरियार इंटरनेशनल ( USA ) संस्था के तत्वावधान में के• वीरमणि सामाजिक न्याय अवार्ड से सम्मानित हुए नीतीश कुमार !!!
अपने 10 साल के साशन को उनको नर नारी को समता के रूप में स्थापित करने का साशन बताते हुए कहा की महिलाओ के लिए बिहार सरकार ने पंचायती राज संस्थाओ में 50 % के साथ एकल पदों में भी आरक्षण दिया ।सरकारी नौकरियों में 35 % का आरक्षण किया गया !!!लिखना तथा पोस्ट करना पड़ता है शराब बंदी का हम स्वागत करते है नितीश एक प्रगति शील नेता है यह स्कूल की बनाबट यही है तो आप को हमारा बहुत बहु बधाई
पेरियार इंटरनेशनल ( USA ) संस्था के तत्वावधान में के• वीरमणि सामाजिक न्याय अवार्ड से सम्मानित हुए नीतीश कुमार !!!
के• वीरमणि सामाजिक न्याय अवार्ड से सम्मानित होने के उपरांत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा की लोकतंत्र की बुनियादी शर्त हैं समानता , सामाजिक न्याय , आज समाज में परिवर्तन का दौड़ है इसको कोई नही रोक सकता हैं न्याय के साथ विकास हमारी सरकार का सिद्धांत हैं। समानता के अधिकार के लिए हमारे नायकों को बहुत कुर्बानीया देनी पड़ी है इनमे सबसे प्रमुख हैं ज्योति बा फुले ,पेरियार , डॉ अम्बेडकर , जननायक कर्पूरी ठाकुर ।कर्पूरी जी बिहार में 1977 में सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागु कर रहे थे तो न जाने उनके खिलाफ कैसी कैसी भाषा का प्रयोग किया गया फिर भी उसमे वो सफल रहे।आज आरक्षण का दायरा बढ़ाने की जरूरत हैं इसके लिए संविधान में संशोधन करने का समय आ गया हैं पूर्व में कई अवसरों पर संविधान में संशोधन होते रहे हैं।साथ ही उन्हीने कहा की आज निजी क्षेत्रों में नौकरियों के अवसर के बढ़ने का जिक्र करते हुए जोरदार वकालत किया की अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निजी क्षेत्रो में भी आरक्षण हो का मांग किया।
शराब बंदी का जिक्र करते हुए कहा की 1915 का बिहार - उड़ीसा का संयुक्त मद्य निषेध एक्ट का संशोधन कराकर बिहार में पूर्ण शराब बन्दी किया गया हैं शराब पीना संवैधानिक अधिकार नही हैं जननायक कर्पूरी ठाकुर ने 1977 में ही शराब बन्दी की थी लेकिन किन्ही कारणों से सफल नही हुआ ।शराब बंदी से सबसे ज्यादा लाभ दलित, एवं पिछड़े वर्गों के लोगो का होगा।माननीय विधायक एवं विधान पार्षदों को भी याद दिलाया की सदन में हम सभी ने नही पिने का संकल्प लिया हैं साथ ही स्टिंग ऑपरेशन का भी चर्चा किया।
पेरियार ई. वी. रामास्वामी जी के वचन👇
👉 ब्राह्मण आपको भगवान के नाम पर मूर्ख बनाकर अंधविश्वास में निष्ठा रखने के लिए तैयार करता है और स्वयं आरामदायक जीवन जी रहा है, तुम्हें अछूत कहकर तुम्हारी निंदा करता है. देवता की प्रार्थना करने के लिए दलाली करता है. मैं इस दलाली की निंदा करता हूँ और आपको भी सावधान करता हूँ कि ऐसे ब्राह्मणों का विश्वास मत करो.
👉 उन देवताओं को नष्ट कर दो जो तुम्हें शूद्र कहें, उन पुराणों ओर इतिहास को ध्वस्त कर दो, जो देवताओं को शक्ति प्रदान करते हैं. अगर देवता ही हमें निम्न जाति बनाने के लिये जिम्मेदार हैं तो ऐसे देवताओं को नष्ट कर दो, अगर धर्म है तो इसे मत मानो, अगर मनुस्मृति, गीता या अन्य कोई पुराण आदि है तो इसको जलाकर राख कर दो. अगर ये मंदिर, तालाब या त्यौहार है तो इनका बहिष्कार कर दो. अगर हमारी राजनीति ऐसा करती है तो इसका खुले रूप में पर्दाफाश करो.
👉 उन देवताओं को नष्ट कर दो जो तुम्हें शूद्र कहें, उन पुराणों ओर इतिहास को ध्वस्त कर दो, जो देवताओं को शक्ति प्रदान करते हैं. अगर देवता ही हमें निम्न जाति बनाने के लिये जिम्मेदार हैं तो ऐसे देवताओं को नष्ट कर दो, अगर धर्म है तो इसे मत मानो, अगर मनुस्मृति, गीता या अन्य कोई पुराण आदि है तो इसको जलाकर राख कर दो. अगर ये मंदिर, तालाब या त्यौहार है तो इनका बहिष्कार कर दो. अगर हमारी राजनीति ऐसा करती है तो इसका खुले रूप में पर्दाफाश करो.
👉 संसार का अवलोकन करने पर पता चलता है कि भारत जितने धर्म ओर मत मतान्तर कहीं भी नहीं हैं और यही नहीं, बल्कि इतने धर्मांतरण (धर्म परिवर्तन ) दूसरी जगह कही भी नही हुए हैं. इसका मूल कारण भारतीयों का निरक्षर ओर गुलामी प्रवृति के कारण उनका धार्मिक शोषण करना आसान है.
👉 आर्यो ने हमारे ऊपर अपना धर्म थोपकर, असंगत, निर्थक और अविश्वनीय बातों में हमें फांसा. अब हमें इन्हें छोड़कर ऐसा धर्म ग्रहण कर लेना चाहिए जो मानवता की भलाई में सहायक सिद्ध हो.
👉 आर्यो ने हमारे ऊपर अपना धर्म थोपकर, असंगत, निर्थक और अविश्वनीय बातों में हमें फांसा. अब हमें इन्हें छोड़कर ऐसा धर्म ग्रहण कर लेना चाहिए जो मानवता की भलाई में सहायक सिद्ध हो.
👉 ब्राहमणों ने हमें शास्त्रों ओर पुराणों की सहायता से गुलाम बनाया है और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मंदिर, ईश्वर और देवी-देवताओं की रचना की.
👉 सभी मनुष्य समान रूप से पैदा हुए हैं, तो फिर अकेले ब्राह्मण ऊँच व अन्यों को नीच कैसे ठहराया जा सकता है.
👉 संसार के सभी धर्म अच्छे समाज की रचना के लिए बताए जाते है, परन्तु हिंदू-आर्य, वैदिक धर्म में हम यह अंतर पाते हैं कि यह धर्म एकता और मैत्री के लिए नहीं है.
👉 ऊँची-ऊँची लाटें किसने बनवाईं? मंदिर किसने बनाए? क्या ब्राहमणों ने इन मंदिरों, तालाबों या अन्य परोपकारी संस्थाओं के लिए एक रुपया भी दान दिया?
👉 ब्राह्मणों ने अपना पेट भरने हेतु अस्तित्व, गुण, कार्य, ज्ञान और शक्ति के बिना ही देवताओं की रचना करके और स्वयभू भूदेवता बनकर हंसी मजाक का विषय बना दिया है.
👉 सभी मानव एक हैं, हमें भेदभाव रहित समाज चाहिए, हम किसी को प्रचलित सामाजिक भेदभाव के कारण अलग नहीं कर सकते.
👉 हमारे देश को वास्तविक आजादी तभी मिली समझाना चाहिए, जब ग्रामीण लोग, देवता, अधर्म, जाति और अंधविश्वास से छुटकारा पा जायेंगे.
👉 आज विदेशी लोग दूसरे ग्रहों पर सन्देश और अंतरिक्ष यान भेज रहे है. हम ब्राह्मणों के द्वारा श्राद्धो द्वारा परलोक में बसे अपने पूर्वजों को चावल ओर खीर भेज रहे हैं. क्या ये बुद्धिमानी है?
👉 ब्राह्मणों से मेरी यह विनती है कि अगर आप हमारे साथ मिलकर नहीं रहना चाहते तो आप भले ही जहन्नुम में जाएें, परन्तु कम से कम हमारी एकता के रास्ते में मुसीबतें खड़ी न करें.
👉 ब्राह्मण सदैव ही उच्च एवं श्रेष्ट बने रहने का दावा कैसे कर सकता है? समय बदल गया है, उन्हें नीचे आना होगा, तभी वे आदर से रह पायेंगे नहीं तो एक दिन उन्हें बलपूर्वक और देशाचार के अनुसार ठीक होना होगा।
आपके साथ राजनीत में मायाबती के साथ है ,काँग्रेस में बरसो से है आप सभी में नक़ल करने की होड़ है शराब जो उची जाती के लोगतेन थे अब आम है More Stories
